Monday, July 29, 2013

A medley for the sound by Geetu Hinduja @ The Bandra Base

Café Reminiscence

The Bandra Base *(link)  : My 1st ever experience with such live music at some unexpected location at  Bandra , place was like any 2,3 BHK flat (see pic) , but environment inside was just electric , seating on floor or on dari , total may be approx 50-60 audience  ,Fantabulous . Last moment it was decided to go for
this programme , Nicx agreed, to my surprise she too thoroughly enjoyed retro , soft rock n folk ,
Geetu Hinduja * link (vocal n Guitar) who also wrote these compositions were just amazing , after a long time I have seen such a graceful Granny with tomboyish silver hair , just luv the way she looks , such a graceful unforgettable face n persona ,She was totally in love with herself  n her music , things to learn , how to be happy n enjoy life .

Song we both had enjoyed the most was "White Flowers" , it sounded like ;

"A young boy had gone up to her
holding up strings of mogras
offering it to her with a smile
She held them , she paid , she fixed it in her hair
Girl on scooter  with white flowers on her hair
..   Traffic signal chaos , commotion all around .
She was sitting on a scooter ............"

It was almost 2 hrs of pure soft  music ,at such a beautiful non commercial place , other musicians were also good , like Bandish this time also I enjoyed Flute by Ram.

After music we both went to have Chocolate  desserts , then  went to Band Stand @ 1 AM , it just rained there  .
I always keep on telling myself why I love Bombay ? live music , late night drives ,energy ,  Bombaytes , crowded Restaurants at midnight n above everything it is Sea that fascinates me ,specially at night (looks clean) ,just sit there n listen sound of waves ..

Tuesday, July 23, 2013

में ये सोच कर उसके दर से उठा था..Haqeeqat :Chetan Anand ,Rafi_Kaifi Azmi,Madan Mohan

YT Video : by others.
Main ye soch kar uske dar se:

After watching Bhag Milkha Bhag , thoda desh prem jaaga , and one of my friend had asked me about this  war movie song , then I remember this beautiful song from Chetan Anand's classic " Haqeeqat" ,for which he opted out from Guide , as he got permission from Defense ministry for the locations to shoot the movie .
Touching Lyrics by Kaifi Azmi , Rafi voice and above all music by master musician Madan Mohan. Picturised on Sudhir , also seen young Sanjay Khan.Location seems to be Kashmir n Laddakh. How important letters form dear ones at front , one can feel from this scene , when they distribute letters by calling their names ..

बाबु राम
समर खान
नाथू राम
बहादुर सिंह

मैं ये सोचकर उसके दर से उठा था के वो रोक लेगी मना लेगी मुझको
हवाओं में लहराता आता था दामन के दामन पकड़कर बिठा लेगी मुझको
कदम ऐसे अंदाज़ से उठ रहे थे के आवाज़ देकर बुला लेगी मुझको
मगर उसने रोका न उसने मनाया
न दामन ही पकड़ा न मुझको बिठाया
न आवाज़ ही दी
न वापस बुलाया
मैं आहिस्ता आहिस्ता बढ़ता ही आया
यहाँ तक के उससे जुदा हो गया मैं ...
यहाँ तक के उससे जुदा हो गया मैं ...
जुदा हो गया मैं ...
जुदा हो गया मैं ...
जुदा हो गया मैं ...

Jab Bhi Ye Dil Udaas Hota Hai -Seema & Kabir Bedi

जब भी ये दिल उदास होता है ...

Recently I noticed I started liking this song , which was never part of my favs list of Kishore n Rafi ,  I listen Jab Bhi .. somewhere & now I just luv this duet & fond of listening while driving or at  late night , I am having 2 MP3 versions with minor variation ? slight echo , It is quite strange that I have not seen this movie “ Seema “ which is rare for me as I have seen almost all known movies of 70-80’s ,. this particular duet is by Rafi & Sharda , Sharda  is having sweet distinct child like voice . Lyricist by default , Gulzar , this may be the reason for my fondness , even without knowing who wrote this ,some instinct or rather a feel that it must be Gulzar only , yes it is..

Duet was picturised on Kabir Bedi n Simi , somehow I have a feeling that we means our industry is not recognizing Kabir Bedi 's contribution , but yes Italians did , Kabir as “ Sandokan “ was a runway hit in Italy. Here I have not seen any award like Life time achievement etc , or something on his contribution to Hindi Cinema , Glamour & TV industry . Kabir is also known as 1st Indian International model , a good presentator , having Sexy beard & deep voice , he recently rendered his voice for Apollo Tyre ad.

Dev Anand casted him in Ishq Ishq Ishq & Bullet , Kabir Bedi did nearly 70 Indian & International movies & more than 30 TV programmes mainly US & Italy.His role as Roopa Daku in Kachche Dhaage (1973) was totally in contrast with his western , suave image that also opposite macho Vinod Khanna .

Somehow I personally feel his contribution should be recognized.

Sunday, July 14, 2013

Barrish : बारिश

Café Reminiscence

कार ऐसी से जब दम घुटने लगा तो शहर के बाहर निकल पड़ा कल रात बारिश हुई थी हरियाली और खाली सड़क दिखी तो नंगे पांव उतर गया और पैदल ही चल पड़ा ,   तलाश कर रहा था की कहीं कोई दरख्त पर कोई टायर से बना झूला मिल जाय तो बच्चों के साथ में भी लाइन में खड़ा हो कर अपनी बारी का इंतज़ार करूं.फिर ,   याद आया वो चांदमारी की तरफ से आने वाला तितलियों का सैलाब , कभी समज नहीं आया की वो सब एक साथ एक ही रास्तें क्यों आती हैं दार हर साल क्या नेविगेशन सिस्टम हे उनका , खैर और आगे पगडण्डी दिखी और में चल पड़ा मट्टी की सोंधी खुशबू सूंघने .

हुआ यूँ की एस बार पहली बारिश महसूस नहीं कर पाया कहीं बाहर जो था . घर ऊपर के माले पर हे वहां से हरियाली और सीनरी तो सुन्दर दिखती हे लेकिन मट्टी की खुशबू नहीं पहुँच पाती.

कई बार सोचता हूँ इन अमरीकियों ने इसे भी पेटेंट करा लिया बासमती राइस (tried ) जैसे तो क्या होगा

कई बार लगता हे बुढ़ापे में चल नहीं पाउँगा तब ? हो सकता हे तब तक ये मरे फ़्रांसिसी लोग कोई परफ्यूम ही बना लें पहली बारिश की मट्टी की खुशबू का तब में Dev (Sid son ) Link here  last para  से कहूँगा वो स्प्रे ला दे ना.

Saturday, July 13, 2013


This Post will remain open n I will keep on adding para’s , all these account holders are somehow , sometime , somewhere connected with me , but may not have name or faces .
So dear visitors , pls. keep on searching this post for new additions … enjoy !
I wanted to write something on this topic since long , हिसाब-किताब , may be one day i will , is courageous to write ? may be , who knows , shaayad ..fir kabhi ...OK! Wait then..14.07.13
लिखना शुरू किया था लेकिन बारिश की एक बोछार आयी और सब मिटा कर चली गयी ,खिड़की खुली रह गयी थी , उसकी चिटकनी ख़राब हे , पहले ठीक करा लूँ , फिर से कोशिश करूंगा .
पता लगा की वो २ दिन पहले आई थी हिसाब किताब देख कर गयी ,कुछ निशान छोड़ कर गयी थी , पन्ने गीले से लगे , शायद मरहम था या फिर पानी , अगर के मरहम या पानी था तो किसका , मेरा या उसका , या ऐसा भी हो सकता हे की वो ज्यादा हंसी हो , कई बार वो जब ज्यादा हंसती हे तो भी उसके आंसू निकल आते हैं , शायद , कभी मिलेगी तो पूछुंगा .. Contd ..
हथेली में रेत :
वो एक ज़ज्बा हे एक ज़िन्दगी हे ,उसके साथ हिसाब किताब हमेशा ख़ुशी देता हे
उसके हाथ बहुत छोटे छोटे हैं , प्यारे से , बस चुटकी भर कुछ भी रख दो खुश हो जाती हे , और गिफ्ट के सिर्फ नाम से ही खुश हो जाती हे
लेकिन एक परेशानी भी हे , उसके हाथ छोटे हैं , और वो उसे रेत और पानी की तरह पकडती हे , उसे कुछ भी देने के बाद , बस मुड कर देखो तो हाथ फिर खाली दिखता हे , जैसे की फिर तैयार हे कुछ लेने को .
मुजहे हमेशा लगता हे और विश्वास हे की एक दिन वो सब मुजहे सूद समेत लोटा देगी , और बहुत सारी खुशियाँ देगी , हमेशा सोचता रहता हूँ की उसे क्या और ला कर दूं .
शायद उसके चॉकलेट खाने के शौक ने उसे इतना स्वीट बना दिया हे ..ऑफिस में बेठे हुए बस में उसे कई बार मेसेज भेज देता हूँ                              Oye..
Parinde :
Café Reminiscence Parinde
सोचता हूँ उसको कोई नाम दूं , क्योंकि पिछले एक महीने से में उसे जानने लगा हूँ , क्योंकि उस परिंदे ( Parrot) की पूँछ कटी हुई हे और वो रोज खाने के लिए कम और सबसे झगड़ने के लिए ज्यादा आता हे .इसलिए शायद वो अच्हा लगता हे ,अब में उससे पहचानता हूँ , लेकिन सोचता हूँ अगर उसे में नाम दे कर पुकारूंगा तॊ क्या वो मुड कर देखेगा , तॊ कोशिश करूं .
लेकिन   पीछे मुड कर नहीं देखा , फिर से   ऐसा हुआ तॊ ? इसलिए बेहतर हे उसे नाम न दिया जाय , उसे क्यों हम इंसानों जैसा बनाऊ , खुश रहने दॊ , जीने दॊ , नाम दूंगा तो उससे उसका सरनेम भी पूछेंगे , बेवजह complication होगी .
BINDI : 21.072013 :
Disclosure : Inspired from " Maya " fr Ijaazat .
Café Reminiscence
शाम को वापस आके गाडी पार्क करके जैसे ही में लिफ्ट की तरफ जाने लगा वॉचमैन ने बताया वो आई थी वैसे उसका हमेशा उससे वो संभोधन अजीब लगता था , शायद वो उसे वाईफ मेटीरियल नहीं लगती थी ! तो में तेजी से जाने लगा इतने में उसने फिर कहा वो वापस भी गयी मेने पूछा कब ? बताया अभी करीब एक घंटा पहले .| फिर मेने वॉचमैन से पूछा क्या पहना था क्योंकि में जानना चाहता था की वो इस बार किस जगह से आई थी , उसका क्या ठोर ठिकाना , बतया बंजारों जैसा लम्बा कलरफुल लंबा स्कर्ट था और ऊपर कुछ सफ़ेद सा पूरी बाँहों का लेकिन खूब सारे बड़े बड़े मोती और पत्थरों की मालाएं डाल रखी थी , मुजहे समज आया शायद धर्मशाला में होगी ,| ज्यादातर कहीं पहाड़ों पर ही जाती हे या फिर रेगिस्तान   | पूरी खानाबदोश जो हे !
अन्दर आया घर एकदम साफ़ सुथरा कर दिया था , ड्रेसिंग टेबल पर वो लाख के दो कंगन जो उसे उसकी माँ ने उसे दिए थे नहीं थे जबकि मेने कई बार बोला इसे यहीं रहने देना हमेशा , ड्रेसिंग टेबल पर उसकी बड़ी सी लाल बिंदी लगी देखी जो पहले नहीं थी मेरे लिए जानबूज   कर छोड़ गयी  हे  ,कपबोर्ड से कपडे चप्पले ले गयी थी उसका वो ऑरेंज वाइट मफलर तलाश किया जो वो पिछली बार सिक्किम में जब एक अनाथालाये में 6 महीनो तक काम कर रही  थी तो किसी बच्चे ने गिफ्ट किया था नहीं था.
परेशान होकर कुछ वक़्त सोफे पर ही बैठा रहा फिर पानी लेने उठा तो देखा फ्रिज पर 2 पीले post it लगे थे
"घर कितना अस्तव्यस्त रखते हो | वाशिंग मशीन में से तुम्हारी 2 पहनी हुईं टी शर्ट्स ले कर जा रहीं हूँ | कभी याद आओगे तो पहन लिया करूंगी"
" तुम्हारी कुछ नई तस्वीरें देखी थोड़े सफ़ेद बाल में अच्हे लग रहे हो खासकर वो कनपटी वाले ऐसे ही रखो  |
फ्रिज में सैंडविच हैं खा लेना |"

क्या  करूं में उसका ! घर की चाभी छोड़ कर नहीं गयी थी मतलब फिर आ सकती हे , हमेशा ये ही डर बना रहता हे कहीं चाभी न छोड़ जाय , कमसकम उम्मीद तो हे कभी मिलेगी |
शायद ..
Whatsapp : 21.07.2013
Sometime I am feeling it is keeping me engaged , also hurting sometime ,now deleted application  from my mobile. Len Den is not working for me. Lekin ..

Bandish : Talat Aziz live in concert @NCPA

Café Reminiscence : Talat Aziz
Mirza Ghalib and Faiz Ahmad Faiz presented by Talat Aziz

It was better than expected , as I know only few Ghazals sung by Talat Aziz, sometime it is better to listen to  unknown compositions , that also live , some old songs like

" agar aur jeete rehte yahi intezar hota" Ghalib
" Dil-e nadaan tuzhe hua kya hey"
It was almost 3 hrs of pure music , overjoyed , also some unknown facts n stories about Ghalib , his sense of humor , concert was ended with Umrao Jaan's "  Zindagi Jab Bhi Teri Bazm Mein ..." on popular demand.I also enjoyed Bansoori with Ghazal , he seems to be quite young , beautiful..Talat Aziz , almost no sign of ageing.Somehow Being at Tata /NCPA theater  always gives me some thrill ,a sort of belonging with Bombay .
P.S. : It rained heavily , We somehow managed to reach there , car breaks , clutch paddles all partially submerged , water inside car!! It's worth afterall!

Wednesday, July 10, 2013


रात भर सर्द हवाएं चलती रहीं , तेज बारिश हुई ,कुछ तो नासाज़ तबियत ने कुछ तेज बारिश की आवाज ने सोने नहीं दिया , खिडकियों के खरखराने की आवाजें भी आती रहीं .

वो रात भर टूटी खपरेल के नीचे खाली बर्तन लगाती रही पानी था की रुक ही नहीं रहा था .

मैं लेटे हुए इंतज़ार कर रहा था की कोई तेज हवा का झोंका आये तो मेरे चेहरे पर कुछ पानी के छीटें पड़ें तॊ उन्हें महसूस करूं.

इतने में आवाज़ आयी बचपना छोड़ो और एक और खाली बर्तन ला कर दॊ.

Le Parinde

Café Reminiscence : Parinde

Parinde got new bird feeders , I replaced old one with new , hope they will like it .Last one week they were complaining about food , I knew they didn't like present cereal, apparent from their  noise ,mainly parrots they sit on grill ,face towards my bedroom n make noise , lovely ! now feeders were replenished with their regular cereal.
I hope they will be happy now  .

कैसी हो तुम .......

धुन्दला सा याद हे चेहरा ,किसी नेटवर्क साईट  पर पिक्चर देखी थी कुछ समय पहले , सुन्दर सी थी , शायद पहले से ज्यादा , , लेकिन आँखों के भाव समज नहीं आये , खुश , उदास ,कोशिश तो करी पढने की ,  वैसे भी वो हमेशा ही प्रैक्टिकल थी , स्ट्रोंग , इंडिपेंडेंट , खुशमिजाज़ , संगीत , सिनेमा में इंटरेस्ट था , बातें भी करती थी , शायद ये कॉमन था हमारे बीच , बाकी तो एकदम अलग

कभी मिलेगी तो पूछूंगा : कैसी हो तुम .......


काफी अरसे के  बाद जाना हुआ २५४ में , साफ़ सुथरा सा लगा , हरियाली हे लेकिन वो २ आम के  , अमरुद और नींबू के पेड़ अब नहीं रहे , दोपहर ,में गली के बच्चे पत्थर फेंकते होंगे ,बहुत  ढूंडा लेकिन कोई भी पत्थर नहीं मिला सोचा था मिले तॊ अपने साथ ले चलूँ रखूं अपने संदूक में बचा कर
.वाश बेसिन पर डैडी की शेव का वो सफ़ेद साबुन जो प्लास्टिक की डब्बी में आता था , नहीं था . नल ठीक करा लिया होगा नहीं तो वो तो हमेशा ही लीक करता रहता था पीतल की टोंटी की जगह स्टील वाली आ गयी थी ,, याद आया डैडी गीता भी कुर्सी टेबल यूज़ करके नोवेल जैसे पड़ते थे और बस आर्डर देते रहते थॆ , अब दें तॊ दिन भर हाथ बांध कर ही खड़ा रहूँ वहां ,  सिगरी की आग ठंडी हो गयी हो तॊ छू कर देखूं , लेकिन सिगरी भी नहीं .भाई ने  फिर भी संभाल कर रखा हे  सब वो ही,, उषा का बड़ा पंखा , वैसा ही कपडे सुखाने का तार ,Alwyn फ्रिज , रसोई में लगा मां पूछेगी खाना अभी लगा दूँ क्या  , पर.. 

Monday, July 1, 2013

Yeh Jawaani Hai Deewani : Ranbir :

Café Reminiscence : Ranbir Kapoor

We all are hardcore Ranbir Fan , whole family , we all have watched this movie with our friends , then it was decided to watch it together ,  we must , after all it's all about Luving Ranbir Kapoor .
Muzhe Tumse Pyaar Ho Jayega                           Fir Se...                               that is the Tag line .
Cool , soft , sho sheweeet movie , all 4 main characters did justice to their respective roles , even i liked the performance of spoiled , drunk Aditya & Kalki. Ranbir as usual Smart , Handsome no words to describe effortless acting .
Deepika's earlier act as rich brat spoiled girl in Cocktail got her good critic reviews   , proved again her acting skills ,as simple nerd Naina , a totally contrast role ,  just awesome.
A fun filled movie ..must watch.For us it's Ranbir again .

Lonavala Trip

Short Trip to Lonavala , Chai , Bhutta , Scenery , Mist & Breathtaking view , Driving Ahaaa.
Dil Dhoondta Hey Wohi Fursat Ke Raat Din.....  

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